अम्लीय वर्षा का PH मान क्या है? | amliya varsha ka ph maan

अम्लीय वर्षा का PH मान

वर्षा जल में अम्लों की बड़ी मात्रा को या उपस्थिति को अम्लीय वर्षा कहा जाता है। प्राकृतिक कारणों से भी शुद्ध वर्षा का जल अम्लीय होता है। इसका प्रमुख कारण वायुमंडल में मानवीय क्रियाकलापों के कारण।
सल्फर ऑक्साइड व नाइट्रोजन ऑक्साइड के अत्यधिक उत्सर्जन के द्वारा बनती हैं। यही गैसें वायुमंडल में पहुँचकर जल से रसायनिक क्रिया करके सल्फेट तथा सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण करती है। जब यह अम्ल, वर्षा के साथ धरातल पर पहुँचता है तो इसे अम्ल वर्षा कहते हैं। शुद्ध जल का Ph स्तर 5.5 से 5.7 के बीच होता है।
amliya varsha ka ph maan
अम्लीय वर्षा जिसकी पीएच स्तर 5.5 से कम होती है। यदि जल का पीएच मान 4 से कम होता है तो यह जल जैविक समुदाय के लिए हानिकारक होता है। अम्लीय वर्षा का PH मान 5.6 से कम होता है।
अम्लीय वर्षा, यह प्राकृतिक रूप से ही अम्लीय होती है। इसका कारण यह है कि CO2 (कार्बन डायऑक्साईड) जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्राकृतिक रूप में विद्यमान है जो जल के साथ क्रिया करके कार्बोनिक एसिड बनाता है। अम्लवर्षा में अम्ल दो प्रकार के वायु प्रदूषणों से आते हैं। So2 & Nox , ये प्रदूषक प्रारंभिक रुप से कारखानों की चिमनियों, बसों व स्वचालित वाहनों के जलाने से उत्सर्जित होकर वायुमंडल में मिल जाते है।

अम्लवर्षा के दुष्परिणाम

अम्लवर्षा के कारण जलीय प्राणियों की मृत्यू खेंतो और पेड़-पौधों की वृद्धि में गिरावट, तांबा और सीसा जैसे घातक तत्वों का पानी में मिल जाना, ये सभी दुष्परिणाम देखे जा सकते है। जर्मनी व पश्चिम यूरोप में जंगलो का नष्ट होने का कारण अम्लवर्षा है।

समस्या का समाधान

इस समस्या का समाधान एक ही प्रकार से संभव है। इसके लिये घातक वायु और पदार्थ के स्त्रोत जहाँ से ये प्रदूषक उत्पन्न हो रहे है, उनकों वहीं पर नियंत्रित करना, और वे सभी व्यक्ति और संस्थाएं जो इस विषय पर कार्यरत है उन्हें सारी जानकरी देना।
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